Arastu scientist biography lesson
अरस्तु
लिसिपोस द्वारा अरस्तू की ग्रीक कांस्य प्रतिमा की रोमन प्रति (संगमरमर में) (लगभग 330 ईसा पूर्व), आधुनिक अलबास्टर आच्छादन के साथ। | |
| जन्म | 384 ईसा पूर्व स्टैगिरा , चाल्कीडियन लीग |
|---|---|
| मृत्यु | 322 ईसा पूर्व (उम्र 61-62 वर्ष) चाल्सिस , यूबोइया , मैकेडोनियन साम्राज्य, यूनान |
| मुख्य कृतीयाँ | |
| युग | प्राचीन यूनानी दर्शन |
| क्षेत्र | पाश्चात्य दर्शन |
| विचार सम्प्रदाय (स्कूल) | |
| उल्लेखनीय छात्र | सिकंदर महान , थियोफ्रेस्टस , अरिस्टोक्सेनस |
| राष्ट्रीयता | यूनानी |
| मुख्य विचार | |
| प्रमुख विचार | अरस्तुवाद |
| शिक्षा | प्लैटोनीय अकादमी |
प्रभावित इब्न-रश्दवाद, इब्न्-सिनावाद, साहित्यिक नव-अरस्तुवाद , मैमोनिदीज़वाद, वस्तुवाद, परिव्राजक-संप्रदाय, पांडित्यवाद(ल्लुल्लवाद, नव, स्कॉटवाद, द्वितीय, थॉमसवाद, इत्यादि), साथ में माध्यमिक प्लेटोवादऔर नवप्लेटोवाद। देखे:अरस्तू से प्रभावित लेखकों की सूची, अरस्तू पर विभाष्य,छद्म-अरस्तू | |
अरस्तु (यूूनानी: Ἀριστοτέλης, अरीस्तोतेलीस्, 384 ईपू – 322 ईपू) प्राचीन यूनानी दार्शनिक और बहुश्रुत थे। उनका जन्म स्टेगेरिया नामक नगर में हुआ